Sunday, 10 September 2017

प्रभारी डी.पी.ओ. हुए हाज़िर, अब डी.एम. का बयान लेगी पुलिस!

September 10, 2017 0

    डी.एम. का पक्ष जानने के बाद एस.पी. को सोंपी जाएगी रिपोर्ट : एस.डी.पी.ओ.

एस.डी.पी.ओ. ने लिया लिखित बयान की ज़रूरी पूछतांछ 

 दिनांक 05 सितम्बर 2017 को दैनिक जागरण समाचार पत्र में छपे  समाचार के अनुसार जिला पदाधिकारी श्री पंकज दीक्षित पर लगाये गये आरोपों को लेकर सोमवार को प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी –सह – जिला सांख्यकी पदाधिकारी श्री सुरेन्द्र कुमार सुधांशु पुलिस जाँच में हाज़िर हुए! एस.डी.पी.ओ. के समक्ष उनके कार्यालय में दो पेज का लिखित बयान दिया! इस सम्बन्ध में एस.डी.पी.ओ. कामिनी बाला ने बताया कि इसके अलावा उनसे आवेदन के के संदर्भ में ज़रूरी पूछताछ की गई। अब ज़िला अधिकारी का पक्ष जानने के बाद रिपोर्ट SP को सौंपा जाएगा। गौर तलब है कि पिछले 27 अगस्त को प्रभारी डी पीओ ने SC/ST थाना में DM के खिलाफ आवेदन दिया था। इसमे आरोप लगाया गया था कि 26 अगस्त को जा। वे योजना की संचिका ले कर जब DM के कक्ष में गया तो DM ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस आरोप को ज़िलाधिकारी पहले ही बेबुनियाद करार दे चुके है। DM ने बताया कि संचिका अपूर्ण पाए जाने के बाद उन्होंने लौटाया था। 

डूडा की संचिका को ले कर हूआ था विवाद: प्रभारी डीपीओ 

बयान देने के बाद एस०डी०पी०ओ० कार्यालय के बाहर प्रभारी योजना पदाधिकारी -सह- सांख्यकी पदाधिकारी श्री सुरेंद्र कुमार सुधांशु ने बताया कि SC/ST थाना दिए गए आवेदन को लेकर SDPO कामिनी बाला को दो पेज का लिखित बयान दिया है। उन्होंने अपने लिखीत बयान में कहा है कि ज़िला दंडाधिकारी एवं समाहर्ता किशनगंज -सह- अध्यक्ष ज़िला शहरी विकास अभिकरण किशनगंज के अध्यक्षता में मुख्यमंत्री नगर विकास योजना से संबंधित 29 जून की बैठक की कार्रवाई का अनुपालन प्रतिवेदन (प्राक्कलन) कार्यपालक अभियंता ज़िला शहरी विकास अभिकरण किशनगंज के पत्रांक 184/डूडा अभिकरण 22 जुलाई द्वरा ज़िला योजना कार्यालय को प्राप्त हुवा था।प्राक्कलन पर ज़िलाधिकारी की टिप्पणी डिस्कस अंकित है। इस संबंध में कार्यलय द्वरा संचिका बढ़ाने के बाद ज़िलाधिकारी द्वरा अंकित टिप्पणी के आलोक में 26 अगस्त को अपराह्न 2:15 बजे उनके वेश्म में विमर्श करने गया था। जहां उन्होंने ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए प्रताड़ित किया।


डीएम - डीपीओ विवाद के बीच आये अपर समाहर्ता
प्रभारी योजना पदाधिकारी -सह- ज़िला सांख्यकी पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सुधांशु ने ADM रामजी साह पर पटना आकर मध्यस्थता करने का आरोप लगाया हैं। प्रभारी डीपीओ का कहना है कि 30 अगस्त को कृषि सांख्यकी में आंकड़ा अंतराल एवं इसमे एकरूपता विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला पटना के पाटलिपुत्र अशोक होटल में किया गया था। इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए वे 29 अगस्त को पटना के लिए रवाना हुए। 30 अगस्त को पाटलिपुत्र अशोक होटल में मुझसे रामजी साह मिले। हम दोनों में बात-चित हुई और वे मामले को आगे नही बढ़ाने एवं समझौता कर लेने का बार-बार अनुरोध कर रहे थे। लेकिन वे उनके बातों से सहमत नहीं हुए। तब ADM ने DM से मोबाइल पर बात करने को कहा। मैन बात करने से इनकार कर दिया। इधर ADM रामजी साह ने प्रभारी DPO के आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि वे उस अवधि को आरा ज़िले में थे।

कौन हैं रोहिंग्या मुस्लिम..? रोहिंग्या मुस्लिम का इतिहास.......!!

September 10, 2017 0


हाल ही में भारत के बोधगया में हुए बम विस्फोटों के बाद रोहिंग्या मुस्लिम सुर्खियों में हैं, लेकिन प्रश्न यह भी है कि आखिर रोहिंग्या हैं कौन? रोहिंग्या मुस्लिम प्रमुख रूप से म्यांमार (बर्मा) के अराकान (जिसे राखिन के नाम से भी जाना जाता है) प्रांत में बसने वाले अल्पसंख्यक मुस्लिम लोग हैं  
म्यांमार में करीब 8 लाख रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं और वे इस देश में सदियों से रहते आए हैं, लेकिन बर्मा के लोग और वहां की सरकार इन लोगों को अपना नागरिक नहीं मानती है। बिना किसी देश के इन रोहिंग्या लोगों को म्यांमार में भीषण दमन का सामना करना पड़ता है। बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग बांग्लादेश और थाईलैंड की सीमा पर स्थित शरणार्थी शिविरों में अमानवीय स्थितियों में रहने को विवश हैं।  
कॉमन ईरा (सीई) के वर्ष 1400 के आसपास ये लोग ऐसे पहले मुस्लिम्स हैं जो कि बर्मा के अराकान प्रांत में आकर बस गए थे। इनमें से बहुत से लोग 1430 में अराकान पर शासन करने वाले बौद्ध राजा नारामीखला (बर्मीज में मिन सा मुन) के राज दरबार में नौकर थे। इस राजा ने मुस्लिम सलाहकारों और दरबारियों को अपनी राजधानी में प्रश्रय दिया था।  
वर्ष 1785 में बर्मा के बौद्ध लोगों ने देश के दक्षिणी हिस्से अराकान पर कब्जा कर लिया। तब उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों को या तो इलाके से बाहर खदेड़ दिया या फिर उनकी हत्या कर दी। इस अवधि में अराकान के करीब 35 हजार लोग बंगाल भाग गए जो कि तब अंग्रेजों के अधिकार क्षेत्र में था। वर्ष 1824 से लेकर 1826 तक चले एंग्लो-बर्मीज युद्ध के बाद 1826 में अराकान अंग्रेजों के नियंत्रण में आ गया।   
तब अंग्रेजों ने बंगाल के स्थानीय बंगालियों को प्रोत्साहित किया कि वे अराकान ने जनसंख्या रहित क्षेत्र में जाकर बस जाएं। रोहिंग्या मूल के मुस्लिमों और बंगालियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अराकान (राखिन) में बसें। ब्रिटिश भारत से बड़ी संख्या में इन प्रवासियों को लेकर स्थानीय बौद्ध राखिन लोगों में विद्वेष की भावना पनपी और तभी से जातीय तनाव पनपा जो कि अभी तक चल रहा है।   
दूसरे द्वितीव विश्व युद्ध के दौरान दक्षिण पूर्व एशिया में जापान के बढ़ते दबदबे से आतंकित अंग्रेजों ने अराकान छोड़ दिया और उनके हटते ही मुस्लिमों और बौद्ध लोगों में एक दूसरे का कत्ले आम करने की प्रतियोगिता शुरू हो गई। इस दौर में बहुत से रोहिंग्या मुस्लिमों को उम्मीद थी कि वे ‍अंग्रेजों से सुरक्षा और संरक्षण पा सकते हैं। इस कारण से इन लोगों ने एलाइड ताकतों के लिए जापानी सैनिकों की जासूसी की। जब जापानियों को यह बात पता लगी तो उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ यातनाएं देने, हत्याएं और बलात्कार करने का कार्यक्रम शुरू किया। इससे डर कर अराकान से लाखों रोहिंग्या मुस्लिम फिर एक बार बंगाल भाग गए।  
द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्तिं और 1962 में जनरल नेविन के नेतृत्व में तख्तापलट की कार्रवाई के दौर में रोहिंग्या मुस्लिमों ने अराकान में एक अलग रोहिंग्या देश बनाने की मांग रखी, लेकिन तत्कालीन बर्मी के शासन ने यांगून (पूर्व का रंगून) पर कब्जा करते ही अलगाववादी और गैर राजनीतिक दोनों ही प्रकार के रोहिंग्या लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। सैनिक शासन ने रोहिंग्या लोगों को नागरिकता देने से इनकार इनकार कर दिया और इन्हें बिना देश वाला (स्टेट लैस) बंगाली घोषित कर दिया।   
तब से स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संयुक्त राष्ट्र की कई रिपोर्टों में कहा गया है कि रोहिंग्या दुनिया के ऐसे अल्पसंख्यक लोग हैं, जिनका लगातार सबसे अधिक दमन किया गया है। बर्मा के सैनिक शासकों 1982 के नागरिकता कानून के आधार पर उनसे नागरिकों के सारे अधिकार छीन लिए हैं। ये लोग सुन्नी इस्लाम को मानते हैं और बर्मा में इन पर सरकारी प्रतिबंधों के कारण ये पढ़-लिख भी नहीं पाते हैं तथा केवल बुनियादी इस्लामी तालीम हासिल कर पाते हैं। 
बर्मा के शासकों और सै‍‍न्य सत्ता ने इनका कई बार नरसंहार किया, इनकी बस्तियों को जलाया गया, इनकी जमीन को हड़प लिया गया, मस्जिदों को बर्बाद कर दिया गया और इन्हें देश से बाहर खदेड़ दिया गया। ऐसी स्थिति में ये बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, थाईलैंड की सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसते हैं या फिर सीमा पर ही शिविर लगाकर बने रहते हैं। 1991-92 में दमन के दौर में करीब ढाई लाख रोहिंग्या बांग्लादेश भाग गए थे। इससे पहले इनको सेना ने बंधुआ मजदूर बनाकर रखा, लोगों की हत्याएं भी की गईं, यातनाएं दी गईं और बड़ी संख्या में महिलाओं से किए गए। 

संयुक्त राष्ट्र, एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाएं रोहिंया लोगों की नारकीय स्थितियों के लिए म्यांमार की सरकारों को दोषी ठहराती रही हैं, लेकिन सरकारों पर कोई असर नहीं पड़ता है। पिछले पिछले बीस वर्षों के दौरान किसी भी रोहिंग्या स्कूल या मस्जिद की मरम्मत करने का आदेश नहीं दिया गया है। नए स्कूल, मकान, दुकानें और मस्जिदों को बनाने की इन्हें इजाजत ही नहीं दी जाती है।   
इनके मामले में म्यांमार की सेना ही क्या वरन देश में लोकतंत्र की स्थापना का श्रेय लेने वाली आंग सान सूकी का भी मानना है कि रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार के नागरिक ही नहीं हैं। वे भी देश की राष्ट्रपति बनना चाहती हैं, लेकिन उन्हें भी रोहिंग्या लोगों के वोटों की दरकार नहीं है, इसलिए वे इन लोगों के भविष्य को लेकर तनिक भी चिंता नहीं पालती हैं। उन्हें भी राष्ट्रपति की कुर्सी की खातिर केवल सैनिक शासकों के साथ बेतहर तालमेल बैठाने की चिंता रहती है।  
उन्होंने कई बार रोहिंग्या लोगों की हालत पर चिंता जाहिर की, लेकिन कभी भी सैनिक शासकों की आलोचना करने का साहस नहीं जुटा सकीं। इसी तरह उन्होंने रोहिंग्या लोगों के लिए केवल दो बच्चे पैदा करने के नियम को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया, लेकिन उन्होंने इसका संसद में विरोध करने की जरूरत नहीं समझी।
रोहिंग्या लोगों के खिलाफ बौद्ध लोगों की हिंसा तो समझ में आती है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इस हिंसा में अब बौद्ध भिक्षु भी भाग लेने लगे हैं। इस स्थिति को देखने के बाद भी आंग सान सूकी म्यांमार के लोकतंत्र के लिए संघर्ष में भारत की चुप्पी की कटु आलोचना करती हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की यह वैश्विक नायिका रोहिंग्या मुस्लिमों के बारे में कभी एक बात भी नहीं बोतली हैं। और अगर बोलती हैं तो केवल यह कि रोहिंग्या म्यांमार के नागरिक नहीं हैं और कोई भी उन्हें देश का नागरिक बनाने की इच्छी भी नहीं रखता है।  

Saturday, 9 September 2017

इन कारणों से रहेंगे RTPS काउंटर बंद! यहाँ से प्राप्त कर सकते है अपना दाखिल खारिज एवं LPC

September 09, 2017 0

दरशल जिले में दिनांक 12 अगस्त से 16 अगस्त,17 तक आये प्रलयकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों को (G.R.) जेनेरल रिलीफ की राशी प्रति व्यक्ति ६००० वितरण हेतु डाटा एंट्री का कार्य किया जा रहा है ताकि प्रखंड अंतर्गत सभी प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द जेनेरल रिलीफ की राशी उनके खाते में भेजा जा सके! जिस हेतु कार्य कि व्यस्तता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से 25 सितम्बर, 2017 तक रोक दिया गया है! आपको बता दें कि RTPS अंतर्गत जाती प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जमीन का मोटेशन, LPC, आय प्रमाण पत्र जैसे कार्य ठप हो गया है! परन्तु बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच रिलीफ कि राशी भेजना भी अतिअवास्यक है! अंचल अधिकारी द्वरा जारी नोटिस में असुविधा के लिए खेद जताया है! यदि किसी को स्कूल में नामांकन अथवा पंजिकरण जाती, निवासी प्रमाण पत्र कि अभाव में नहीं हो रहा है तो वे सभी अंचल अधिकारी से सम्बंधित प्रधानाध्यापक को मोबाइल से बात करवा दें! आशा करता हूँ कि आपका कार्य हो जायेगा! जो पहले से मोटेशन के लिए आवेदन कर चुके है और सुद्धदी पत्र लेना है वे निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपना मोटेशन का सुद्धदी पत्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है! 

ऑनलाइन मोटेशन का सुद्धदी पत्र एवं LPC के लिए अपने प्रखंड के सामने दिए गए लिंक पर क्लिक करें

किशनगंज प्रखंड      दाखिल खारिज     एल.पी.सी.
            
कोचाधामन प्रखंड     दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

बहादुरगंज प्रखंड      दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

तेधागाछ प्रखंड       दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

दिघलबैंक प्रखंड      दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

ठाकुरगंज प्रखंड      दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

पोठिया प्रखंड        दाखिल खारिज     एल.पी.सी.

Thursday, 31 August 2017

जिला पदाधिकारी श्री पंकज दीक्षित, किशनगंज पर एक 55 वर्षीय दलित अधिकारी ने गाली-गलोज कर प्रतारित करने का लगाया आरोप! SC/ST थाना में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु दिया आवेदन!

August 31, 2017 0
दरअसल यह बात 27 अगस्त 2017 का है जब सुरेन्द्र कुमार सुधांशु जिला सांख्यिकी पदाधिकारी किशनगंज –सह- प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी किशनगंज जो अनुसूचित जाती के अंतर्गत रविदास (चमार) समुदाय का है, ने दिनांक 26 अगस्त २०१७ को योजना कार्यालय के संचिका के साथ जिला पदाधिकारी के पृच्छा के आलोक में विमर्श करने हेतु उनके वेश्म में अपरहण 2:15 बजे गया था! समाहर्ता यानि जिला पदाधिकारी ने अपने वैश्म में श्री सुधांशु जी के साथ अमर्यादित एवं आसंवेधानिक भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलोज किया और कहा कि “साला” क्या Discuss करेगा तुम? तुम्हें अभी यहीं पर मुर्गा बनाकर 20 इंट तुम्हारे ऊपर रख दूंगा एवं जातीय आधार पर तंज काशते हुए प्रतारित किया! श्री सुरेन्द्र कुमार सुधांशु जिला सांख्यिकी पदाधिकारी किशनगंज –सह- प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी किशनगंज द्वरा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि जिला पदाधिकारी के अचानक इस व्यवहार से में अत्यंत आहत हो कर उनके वेश्म से बाहर चला आया! यह साड़ी बातें श्री सुरेन्द्र कुमार सुधांशु जिला सांख्यिकी पदाधिकारी किशनगंज –सह- प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी किशनगंज द्वारा थानाध्यक्ष SC/ST थाना, किशनगंज को प्राथमिकी दर्ज हेतु दिए गए आवेदन से लिखा गया है! ऊपर वर्णित किसी भी बातों या तथ्यों का पुष्टि यह ब्लॉग नहीं करती है!           

Sunday, 20 August 2017

बकरीद में कुर्बानी पर कोई रोक नहीं! पशु खरीद फरोख्त का पुराना नियम फिलहाल लागू !

August 20, 2017 0

दोस्तों बकरीद (ईद-उल-अज़हा) करीब है । क़ुरबानी को लेकर कुछ लोगों के दिमाग में कन्फ्यूज़न है कि गोश्त की दुकानों या बूचड़खानों के ताल्लुक़ से जो शासनादेश है क्या उसका कोई असर क़ुरबानी पर भी पड़ेगा, तो हम आपलोगों को साफ कर देना चाहते क़ुरबानी जैसे हमेशा होती थी उसी तरह से होनी है इस सम्बन्ध में कोई बदलाव नहीं है । ये हमारी धार्मिक परम्परा है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 ने हमें अपने धार्मिक परम्पराओं को निर्बाध रूप से मानने की गांरटी दी है  इसके अलावा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 28 स्पष्ट रूप से धार्मिक आयोजनों के लिए होने वाली पशुबलि के लिए छूट प्रदान करती है! इसीके आधार पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2015 और 2016 में दोनो बार बकरीद के अवसर पर कुर्बानी को रोकने के लिए दाखिल की गई याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था और 23 मई 2017 की केंद्र द्वारा कुर्बानी के लिए पशु बाज़ार में होने वाली खरीद फरोख्त सम्बन्धी अधिसूचना पर भी रोक लगा दी है यानी अब आप पहले की तरह बाज़ार से कुर्बानी के लिए जानवर खरीद सकते हैं किसी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए आप सीधे हमारे नम्बर पर सम्पर्क कर सकते हैं मोबाइल नम्बर 9795795786 है । इस जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाएं और ना अफवाह फैलाएं ना फैलने दें , आसानी के लिए नीचे कुछ न्यूज़ के लिंक भी दिए दे रहा हूँ ।





Saturday, 12 August 2017

किशनगंज में बाढ़ का कहर ज़िले के पूरे इलाको के घरों मे घुसा पानी लोग परेशान ।

August 12, 2017 0


किशनगंज में भारी बारिश के कारण बाढ़ कहर ढा रही है। ज़िले के सातों प्रखंडों के लगभग 16 लाख आबादी के घरों में बाढ़ का पानी घुश चुका है लोग काफी परेशान है। पिछले 3 दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है किशनगंज शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाली किशनगंज बहादुरगंज रोड एवं किशनगंज ठाकुरगंज रोड में महानंद नदी के उफान के कारण इन रोडों के ऊपर से पानी बह रहा है। पूरे जिले का आवा जाही ठप हो चुका है।

किशनगंज के सभी रोडों पर इतनी पानी है कि किसी प्रकार का कोई गाड़ी चल नही पा रहा है।
बाढ़ की स्थिति भयावह- सांसद
किशनगंज सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी ने अब तक सबसे भयानक बाढ़ करार दिया है। उनके मुताबिक इलाके में जलस्तर इस लेवल पर कभी नहीं आया था।

इस बाबत सांसद ने बिहार सरकार से बात कर किशनगंज के लिए राहत राशि में इजाफा करने की मांग की है। सांसद ने बाढ़ के हालात पर डीएम से बात की है। आपदा प्रभावित गांव से लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम लगाने और कश्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ प्रभावितों के लिए सुरक्षित जगहों पर फौरी राहत कैम्प शुरू कराने के लिए पहल करने की बात कही गई है। इसके अलावा बहादुरगंज में बाढ़ में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना है।

 सांसद ने ऐसे परिवारों के लिए तुरंत राहत रकम जारी करने के निर्देश दिए हैं।।किशनगंज सांसद दिघलबैंक के इलाके का दौरा कर रहे हैं।ख़बर सीमांचल

Monday, 31 July 2017

Apply for Pre- Matric, Post Matric and Merit Cum Means Scholarship For Professional and Technical Courses CS 2017

July 31, 2017 0
Bihar Pre- Matric, Post Matric Scholarship 2017 (scholarships.gov.in)



हार साल की तरह इस साल भी ऐसे सभी अल्पसंख्यक (मुस्लिम, सिख, इसाई, बोद्ध, जैन, पारसी) विद्यार्थी जिसका का पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक नहीं है, के लिए National Scholarship Portal पर Pre- Matric, Post Matric and Merit Cum Means Scholarship For Professional and Technical Courses CS 2017 हेतु आवेदन लिया जा रहा है! 

आवेदन कैसे करें (Click Here)
आवेदन की अंतिम तिथि जानने के लिए (Click Here)
Pre-Matric से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए (Click Here)
Post Matric से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए ( Click Here)
Merit Cum Means Scholarship For Professional and Technical Courses से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए (Click Here)


Apply Online for Pre/Post/Merit cum Means Scholarship 2017 : Click Here

Last Date of Online Apply : 31/08/2017

Online Apply for Renewal : Click Here



Saturday, 29 July 2017

नीतीश मंत्रिमंडल में नंदकिशोर, ललन व महिला चेहरे में मंजू शामिल

July 29, 2017 0

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपना मंत्रिमंडल विस्तार किया। नीतीश के मंत्रिमंडल में एक बार फिर राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नंदकिशोर यादव और प्रेम कुमार को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। इस मंत्रिमंडल में सिर्फ एक महिला मंजू वर्मा को शामिल किया गया है। नीतीश मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से 11, जनता दल (यूनाइटेड) से 14 और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से एक विधायक और विधान पार्षद को जगह दी गई है। 

लोजपा कोटे से मंत्री बने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। मंत्री बने रहने के लिए छह माह के अंदर उन्हें किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा। पारस केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई हैं। 
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था, परंतु उनके पटना में नहीं रहने के कारण वे शपथ नहीं ले सके। 
बिहार राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। जद (यू) कोटे से बने 14 मंत्रियों में दो नए चेहरे हैं, शेष पुराने मंत्रियों को ही मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। मंत्रिमंडल में शामिल एक मात्र महिला मंजू वर्मा भी जद (यू) की विधायक हैं। 
शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित राजग के कई नेता उपस्थित रहे। 
नीतीश मंत्रिमंडल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और हिंदुतानी अवाम मोर्चा (हम) के नेताओं को जगह नहीं दी गई है।
उल्लेखनीय है कि महागठबंधन में विवाद के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर महागठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी थी। इसके अगले दिन नीतीश ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन से छठी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शुक्रवार को बिहार में राजग की नई सरकार ने विधानसभा में बहुमत हासिल किया था। 

नीतीश कैबिनेट का जातीय गणित: 1-1 महिला-मुस्लिम, 3 यादव, 9 सवर्ण, 5 दलित और 6 ईबीसी मंत्री

July 29, 2017 0
     कैबिनेट विस्‍तार के दौरान बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी। (Source: PTI)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने छठे कार्यकाल में आज (29 जुलाई को) पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया। इसमें 27 लोगों को मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार में नीतीश कुमार ने जातीय, सामाजिक और भौगोलिक समीकरणों का खासा ध्यान रखा है। 29 सदस्यों वाले नीतीश मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा पिछड़े वर्ग से आने वाले लोगों को जगह दी गई है। मुख्यमंत्री ने तीन यादव नेताओं को मंत्री बनाया है, जबकि पांच दलित, दो कोइरी, नौ सवर्ण (भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत), छह अतिपिछड़ा, एक बनिया, एक कुर्मी (स्वजातीय) और एक मुस्लिम चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी है।
नीतीश कुमार ने भौगोलिक संतुलन का भी ध्यान मंत्रिमंडल विस्तार में रखा है। उन्होंने अपनी मंत्रिपरिषद में मगध, अंग, सीमांचल, मिथिलांचल, चंपारण और भोजपुरी इलाके के बीच संतुलन बनाने की भरसक कोशिश की है। नीतीश ने एक महिला को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया है। इसके अलावा उन्होंने अधिकतम युवाओं की टीम बनाई है।
सियासी रणनीति की भी झलक नीतीश के मंत्रिमंडल पर साफ दिखती है। उन्होंने यादव बहुल इलाके मधेपुरा, सहरसा, सुपौल से भी मंत्री बनाया है। इसके अलावा उनका जोर अतिपिछड़ा और दलितों-महादलितों पर भी रहा है। माना जा रहा है कि नीतीश ने बीजेपी के साथ मिलकर मिशन 2019 के लिए रणनीति चाल चलते हुए ही मंत्रिमंडल का स्वरूप इतना व्यापक बनाया है।
बते दें कि शनिवार (29 जुलाई) की शाम पटना के राजभवन में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने नवनियुक्त 26 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। बाद में देर शाम मंगल पांडेय को भी शपथ दिलाई गई, वो उस वक्त नहीं पहुंच सके थे। मंगल पांडेय शिमला गए हुए थे। इससे पहले 26 जुलाई को नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शपथ ली थी।
नीतीश कुमार ने शनिवार शाम अपनी नई कैबिनेट की पहली बैठक की। इसके साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों के बीच विभागों का भी बंटवारा कर दिया है। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को फिर से वित्त एवं वाणिज्य मंत्री बनाया गया है। विधानसभा में भाजपा के विधायक दल के नेता प्रेम कुमार को नीतीश ने नया कृषि मंत्री बनाया है। कई मंत्रियों को नीतीश ने पुराने विभाग का जिम्मा थमाया है, जबकि कुछ का विभाग बदला है।

Friday, 28 July 2017

उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण कर अमरीका को दी चेतावनी, कई देशों में हड़कंप

July 28, 2017 0

सोल: कड़ी चेतावनियों के बाद भी उत्तर कोरिया अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा। किम जोंग ने एक बार फिर अपनी दादागिरी दिखाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जो जापान के निकट महासागर में गिरा। जापान के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। 

जापानी पीएम ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई  
इसके मद्देनजर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा, 'हमें जानकारी मिली है कि उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल छोड़ा है। हम तत्काल सूचना का विश्लेषण करेंगे और जापान के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के जरूरी कदम उठाएंगे।'

ट्रंप को दी चुनौती 
उत्तर कोरियाई सर्वोच्च नेता किम जोंग ने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर एक बार फिर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दे दी है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने आज कहा कि अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरा परीक्षण यह दिखाता है कि उनका देश अमरीका के मुख्य भूभागों तक हमला कर सकता है। परीक्षण के घंटों बाद विश्लेषकों ने कहा कि लॉस एंजिलिस और शिकागो समेत अमरीका के ज्यादातर इलाके अब उत्तर कोरियाई हथियारों की जद में हैं।   

अमरीका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागकर अभ्यास किया 
कोरियाई सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि ह्वासोंग-14 मिसाइल के 3,725 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचने और जापान के समुद्र में गिरने से पहले 998 किलोमीटर की दूरी तक जाने के बाद किम ने बड़ी संतुष्टि जताई। एजेंसी ने कहा कि यह परीक्षण इस बात की पुष्टि करने के लिए किया गया कि मिसाइल अधिकतम दूरी तक जाए और साथ ही मिसाइल के अन्य तकनीकी आयामों की जांच करने के लिए किया गया। परीक्षण के तुरंत बाद अमरीका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागकर अभ्यास किया। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सोंग योंग मू ने रणनीतिक अमरीकी सैन्य हथियारों को तैनात करने का आह्वान किया जिसका आमतौर पर मतलब बमवर्षक विमान और विमान वाहक पोत होता है।गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने चार जुलाई को पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। 

नई सरकार के खिलाफ राजद की याचिका मंजूर, हाईकोर्ट में 31 को होगी सुनवाई

July 28, 2017 0
बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण के खिलाफ दायर की गई याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दो अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने के लिए 31 जुलाई की तारीख निर्धारित की है.

सरकार के गठन के खिलाफ कोर्ट में पहली याचिका बड़हरा के राष्ट्रीय जनता दल विधायक सरोज यादव और अन्य ने दायर की थी जबकि दूसरी याचिका नौबतपुर के समाजवादी नेता जितेन्द्र कुमार ने दायर की थी. नीतीश सरकार ने 27 जुलाई को शपथ ग्रहण किया था जिसको लेकर राजद का विरोध लगातार जारी है.

याचिकाकर्ता ने राज्यपाल के फैसले पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा था कि सबसे ज्यादा विधायक राजद के होने के कारण पहले राजद को सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए था, लेकिन नियमों को दरकार कर नीतीश कुमार को आमंत्रित कर लिया गया. सरकार के गठन के खिलाफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने भी कोर्ट में जाने की बात कही थी.

आज CM नीतीश कर सकते हैं मंत्रिमंडल का विस्तार, इन चेहरों को मिल सकती है जगह

July 28, 2017 0
बिहार कि राजनीत में आये तूफान के बीच सीएम नितीश कुमार अपने मंत्रीमंडल का शनिवार को विस्तार कर सकते है! ऐसा माना जा रहा है कि जेडीयु, बीजेपी समेत हम पार्टी के मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल का हिस्सा बना सकते है! फ़िलहाल बीजेपी के नेता सुशिल कुमार मोदी ने राज्य के दीप्ती सीएम पद कि शपथ ग्रहण की है! सूत्रों के मुताबिक बीजेपी से शामिल होने वाले नेताओं में प्रेम कुमार, मंगल पाण्डेय, रजनीश कुमार, अनिल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, अरुण सिन्हा, और राम प्रीत पासवान शामिल है वहीं जेडीयू के प्रबल दावेदार ललन सिंह, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, डॉ. रणवीर नंदन और खुरशीद उर्फ़ फ़िरोज़ अहमद माने जा रहे है!
हम पार्टी के तरफ से जीतन राम मांझी को केबिनेट में जगह दी जा सकती हैI इन नेताओं में बीजेपी कि ओर से आने वाले बड़े नेताओं के नाम प्रेम कुमार और मंगल पाण्डेय हैI बीजेपी के प्रेम कुमार वे नेता है जो सात बार विधायक चुने जा चुके है! और लालू नितीश के सरकार के दौरान सदन में बीजेपी कि ओर से नेता विपक्ष भी थे! मंगल पाण्डेय २०१५ के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार के प्रदेश अध्यक्ष थे!
जेडीयू के बड़े नेताओं में राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह नितीश कुमार के खास लोगों में से एक है! कई बार मंत्री रह चुके है! बिहार जेडीयू अध्यक्ष भी रह चुके है साथ ही विजेंद्र यादव जेडीयू के सीनियर नेताओं मेसे एक है! नितीश के सलाहकारों में से एक है! इससे पहले भी कई बार बड़े विभागों के मंत्री रह चुके हैI   


Thursday, 27 July 2017

GST Helpline Number| Toll Free Help desk Number for All States 1800 103 9271

July 27, 2017 0
ST Helpline Number


GST which is known as Goods and Services tax which has been identified as one of most important tax reforms post-independence. GST Helpline Number is presented by a National Call Centre “CBEC Mitra Helpdesk” for solving the queries or providing the details to the citizens. Finance Minister was implemented GST (Goods & Service Tax) on 1 July 2017 and people must have knowledge of government helpline or GST Toll Free Helpline Number (1800 103 9271), providing for all states at the beneath section.  GST Toll Free Helpdesk No will be available for 24/7 for the comfort of the people.

In case of any difficulty in accessing or using the ACES/CBEC-GST Applications, Departmental users as well as Dealers can inquire about the facilitate of the CBEC Mitra Helpdesk by sending e-mail to cbecmitra.helpdesk@icegate.gov.in or calling up GST Toll Free Number 1800 1200 232 also. You can acquire more details related to GST Contact Number and GST Phone Number by moving your cursor downwards on this page, so go forward soon!!

This Page Includes:

  • GST Helpdesk
  • GST Toll Free Numbers
  • GST Toll Free Helpline Number
  • Response on VAT to GST transition
  • GST Contact Number for all states
  • Email Addresses
  • GST Phone Number of officers
  • Social Profiles

GST Contact Number

Introduced By                 The Constitution (One Hundred and First Amendment) Act 2016
Type                 Indirect Tax
Administered & Governed By Good & Service Tax Council and Union Finance Minister of India Arun Jaitley
Expected Date to be Applicable: 1 July 2017
Trade                 Custom, Duty, Tariff, Import, Export, Tariff war, Free trade, Free                                                            trade zone, Trade agreement
GST Phone Number         0124-4688999



GST Helpline Number

According to the available helpdesk candidates can contact with the locators on below stated GST Help Desk Number. You can also go through the official website directly or mail also.

Helpline Support Number: 0124-4688999
GST Helpline Number: 011-49111200
Official Website: www.gst.gov.in or www.gstn.org 


Ministry of Finance Contact Details:
         Address                       Contact (1) Contact (2) Contact (3) Contact (4)
1. Finance Minister North Block,             23092510         23092810 23093868 23094399
   New Delhi – 110001               
2. Secretary (Revenue) North Block,        23092653         23092111
    New Delhi – 110001
3. Secretary (Economic Affairs)               23092611         23092555
    North Block, New Delhi – 110001
4. Finance Secretary & Secretary             23092929         23092663
    Expenditure) North Block,
    New Delhi – 110001
5. Secretary (Finance Services)                 23340222          23343478
    Jeevan Deep Building,
    10 Parliament Street,
    New Delhi – 110001
6. Minister Of State For Finance                23092377         23094108
    (Revenue & Financial Services)
     North Block,New Delhi – 110001


GST Toll Free Numbers:

This toll free helpline service was inaugurated by Chief Guest, Shri Rajeev Swarup (IAS), Principal Secretary – MSMEs, Govt. of Rajasthan and Guest of Honor, Shri Ajitabh Sharma (IAS), Commissioner Industries, Govt. of Rajasthan. So you can call on it and get the satisfactory answer!!

1800 1200 232
1800 103 9271


List of Officers along with Contact Numbers:

Name                      Contact Number                                  Email ID
Sh. Arun Goyal            21400540/ 23762656(181)            arungoyal@nic.in
Sh. Shashank Priya      21400543/ 23762656(258)            spriya@nic.in
Sh. Dheeraj Rastogi     21400539/ 23762656(188)            Dheeraj.rastogi@icegate.gov.in
Sh. G. Shankar Sinha   21400542/ 23762656(101)           Gs.sinha@gov.in
Sh. Jagmohan              21400541/ 23762656(102)           Jagmohan.1965@gov.in
Ms. Thari Sitki            23762656(116)                              thari.sitki@nic.in
Sh. Rakesh Aggarwal  23762656(180)                             Rakesh.agarwal65@gov.in
Sh. T.G. Kaushik         23762656(113)                             Kaushik.tg@gov.in


GST Contact Number:

Location                               Contact Numbers
Andhra Pradesh               0866 2550822
Gujarat                               079 26576856 or 26576858
Punjab                               +91 8283801179
Bihar                               0612 2214741
Himachal Pradesh               18001808066 (Toll Free Number)
Madhya Pradesh               18002330440 (Toll Free Number)
Odisha                               8003456753 (Toll Free Number)


GST Office Address:

Office of the Goods & Service Tax Council
Tower-II, 5th floor, Jeevan Bharti Building,
New Delhi-110001

Goods And Services Tax Network,
East Wing, 4th Floor, World Mark – 1, Aerocity, New Delhi – 110037


Some Facts Related To GST Toll Free Helpline Number:
  • This national toll free helpline numbers has been launched for resolving GST-related queries by Software Development Company.
  • Rajasthan Small Industries Principal Secretary Rajeev Swarup has inaugurated this helpline service.
  • This Toll Free Helpline Number will be accessible in six languages such as English, Hindi, Gujarati, Marathi, Kannada and Malayalam.
  • As the Goods & Service Tax will be rolled out soon, small industries will be looking for helping hands on transition from multiple taxes and filing of returns with separate departments (VAT) to one tax (Goods & Service Tax).
  • Unlike the existing return processes, GST requires to be filed every month by businessmen which will make it easier once the ‘hands on’ processes are set.
  • The helpline is a good initiative and business fraternity should utilize this one-stop Goods & Service Tax helpline to resolve their queries.
  • This helpline will create an eco-system within the business fraternity for resolving queries.



Response on VAT to GST transition:

Government has already announced the GST registration program and under this Goods & Service Tax regime, states which have observed a huge response on VAT to GST transition they are following as mentioned below-

Gujarat78.36%
Madhya Pradesh76.87%
Chhattisgarh74.49%
Rajasthan67.13%
West Bengal60.58%
Chandigarh53.13%
Jharkhand56.29%

On the other side, states like Assam, Arunachal Pradesh, Uttar Pradesh, Delhi, Uttarakhand, Himachal Pradesh, Maharashtra, and Bihar have observed poor to average response. States like Kerala, Tamil Nadu, Karnataka, Telangana and Andhra Pradesh have started the registration program from 1st of January, 2017 and will be ending it on 15th of January, 2017.


GST Email Address:

For acquiring more details related to Goods & Service Tax you can also go through the below stated email address which will be helpful for you, so please have a look as soon as possible.

helpdesk@gst.gov.in
mailto:info[at]gstindia.com
E-mail: fm@finance.nic.in
secretariat@gov.in
info@gstn.org.in


GST Social Profile:

Candidates can connect with the government and get the more updates related to Goods & Service Tax by following on this social profile of twitter also.


witter twitter.com/gstindiacom
Linkedin www.linkedin.com/company/gstn-official
Youtube www.youtube.com/channel/UCregRtCIGShMghrsW8fUmlA


Fact file:
Vishwanath Pratap Singh started this reform process in indirect tax regime of India in 1986 by introduction of Modified Value Added Tax (MODVAT).  Goods and services tax will include various indirect taxes including central excise duty, services tax, additional customs duty, surcharges and state-level value added tax. Other levies which are currently applicable on inter-state transportation of goods are also likely to be done away with in Goods & Service Tax administration.

The tax rate under Goods & Service Tax may be ostensible or zero rated for the time being. It has been proposed to shield the revenues of the States from the collision of Goods & Service Tax, with the anticipation that in due course. Goods & Service Tax will be tariffed on petroleum and petroleum products. The central government has guaranteed states of recompense for any revenue losses sustained by them from the date of introduction of Goods & Service Tax for a period of five years.




नीतीश-बीजेपी के अरमानों पर पानी फेरेंगे लालू! एेसे बनाएंगे बिहार में सरकार

July 27, 2017 0
Punjab Keshri

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक इस्तीफा देने से राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। अब लोगों को लग रहा है कि नीतीश बीजेपी का समर्थन हासिल करके फिर सीएम की कुर्सी पर काबिज हो जाएंगे। लेकिन लालू यादव को करीब से जानने वाले लोगों को ऐसा होता नहीं दिख रहा है। उनकी मानें तो लालू एकबार फिर अपने सियासी गणित से अपनी पार्टी को प्रदेश की सत्ता पर काबिज करा सकते हैं। 

राजनीति में सबकुछ संभव 
आप सोच रहे होंगे कि ऐसा मुमकिन नहीं है। लेकिन राजनीति में कोई दोस्ती या दुश्मनी स्थाई नहीं होती। आपको बता दें कि 243 सदस्यों वाली बिहार विधान सभा में आरजेडी के 80, कांग्रेस के 27, जेडीयू के 71 और बीजेपी के 53 विधायक हैं। बीजेपी के सहायक दलों के कुल पांच विधायक हैं। विधान सभा में बहुमत के लिए कुल 122 विधायकों का समर्थन चाहिए। 

लालू अपना सकते हैं फूट डालो और राज करो की नीति 
आरजेडी प्रमुख लालू यादव जदयू में फूट डालो और राज करो की नीति अपना सकते हैं। अगर नीतीश बीजेपी के साथ जाते हैं तो कांग्रेस लालू के साथ हर हाल में रहेगी। ऐसे में लालू यादव को बहुमत के लिए केवल 15 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी। खबरों के मुताबिक जेडीयू के करीब 20 विधायक और 12 में से 6 सांसद मौजूदा निजाम से खफा हैं। ऐसे में लालू यादव की कोशिश होगी कि वो जेडीयू के इन असंतुष्टों के जख्मों को कुरेंदे और बगावत की आग भड़काकर अपनी रोटी उस पर सेंक लें।